एक संत 10 साल से एक स्थान पर बैठकर रोज प्रार्थना किया करते थे.
एक दिन आकाशवाणी हुई और आवाज आई "हे संत महाराज जी तुम 10 साल से प्रार्थना कर रहे हो पर तुम्हारी प्रार्थना आज तक स्वीकार नही हुई"।
संत के साथ बैठने वाले दुसरे साधुओं को भी यह सुनकर दु:ख हुआ कि, यह बाबा 10 साल से प्रार्थना कर रहे है
पर इनकी प्रार्थना आज तकस्वीकार नही हुई"।
ईश्वर यह तेरा कैसा न्याय है ?
लेकिन संत दु:खी होने के बजाय खुशी से नाचने लगे.
दुसरे लोगो ने संत को देखकर आश्चर्य हुआ.
एक साधु संत महाराज से बोला : बाबा, आपको तो दु:खी होना चाहिए कि आपकी 10 साल कि प्रार्थना बेकार गई!
संत ने जवाब दिया : " मेरी 10 साल की प्रार्थना भले ही स्वीकार ना हुई तो क्या हुआ...!!! लेकिन ईश्वर को तो पता है कि मैँ 10 साल से प्रार्थना कर रहा हूँ।"
इसलिए मित्रों जब आप मेहनत करते हो और फल ना मिले तो निराश मत होना, क्योंकि ईश्वर को तो पता है कि आप मेहनत कर रहे है, इसलिए फल तो जरुर देगें..!!
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