एक बार एक व्यक्ति बहुत परेशान था। और उसे लगता
है कि ईश्वर उसकी कोई सहायता नहीँ कर रहा हैँ वह एक रात वह सपना देखता है
कि वह ईश्वर के साथ समुद्र किनारे रेत पर टहल रहा है, वह अपने जीवन मेँ
बहुत खुश हैं ईश्वर और उसके पैरोँ के निशान साथ-साथ बनते जा रहे पर कुछ समय
पश्चात वह देखता है कि अपने जीवन मेँ बहुत दुःखी है और इस वक्त रेत पर
सिर्फ एक जोड़ी पैरोँ के निशान बने हैँ वह ईश्वर से कहता है कि जब वह खुश था
तो आप साथ थे पर अब जब वह दुःखी है आप साथ नहीँ हो ऐसा क्योँ ईश्वर कहते
हैँ, कि ऐसा नहीँ हैँ वह हमेशा सबके साथ हैँ उसने कहा फिर रेत पर आपके
पैरोँ के निशान क्योँ नहीँ हैँ इस ईश्वर मुस्कुराये और कहा ये तुम्हारे
नहीँ हमारे पैरोँ के निशान हैँ जब तुम परेशान थे तुम हमारी गोद मेँ थे मैँ
हमेशा तुम्हारे साथ हूँ।
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