| ब्यौरे | विवरण |
|---|---|
| 7,096 वर्ग किलोमीटर | |
| 6,07,688 * | |
| गैंगटोक | |
| लेप्चा, भूटिया |
इतिहास और भूगोल
सिक्किम का प्रारंभिक इतिहास 13 वीं शताब्दी से आरंभ होता है जब लेप्चा प्रमुख थेकोंग-थेक और तिब्बत के राजकुमार खे-भूमसा के बीच उत्तरी सिक्किम में काब लुंगत्सोक में भाईचारे के एक समझौते पर हस्ताक्षर हुए। इसके बाद सन 1641 में तिब्बत के सम्मानित लामा संतों ने पश्चिमी सिक्किम के युकसाम प्रांत की ऐतिहासिक यात्रा की, जहां उन्होंने खे-हूमसा के छठी पीढ़ी के वंशज फुंत्सोग नामग्याल राजवंश का उदय हुआ। समय के बदलाव के साथ सिक्किम लोकतांत्रिक प्रक्रिया से गुजरा और 1975 में वह भारतीय संघ का अभिन्न अंग बन गया। गुरु पद्मसंभव ने अपने तिब्बत प्रवास के दौरान इस स्थान को आशीर्वाद दिया था। सिक्किम में सभी समुदायों के लोग आपसी सद्भवाव से रहते हैं। सिक्किम में भिन्न-भिन्न मतों से जुड़े लोग हैं और शायद यह भारतीय संघ में सांप्रदायिक सद्भाव और मानवीय संबंधों को बढ़ावा देने वाला सर्वाधिक शांति वाला राज्य है जिसकी भारत जैसे बहुसामाजिक व्यवस्था वाले देश में नितांत आवश्यकता भी है।विश्व की तीसरी सबसे ऊंची चोटी, कंचनजंगा, जिसे सिक्किम की रक्षा देवी माना जाता है, इस राज्य पर अपनी मंत्रमुग्ध करने वाले प्राकृतिक सौंदर्य की छटा बिखेरती है। सिक्किम जैव विविधताओं से भरा दुनिया के 18 प्रमुख क्षेत्रों में एक है।
पर्यटन
गंगटोक, सिक्किम
ताशीडिंग मठ
त्यौहार
सिक्किम में मुख्य रूप से भूटिया, लेप्चा और नेपाली समुदायों के लोग रहते है। माघी संक्रांति, दुर्गापूजा, लक्ष्मीपूजा और चैत्र दसाई/राम नवमी, दसई, त्योहार, सोनम लोसूंग, नामसूंग, तेन्दोंग हलो रुम फाट (तेन्दोंग पर्वत की पूजा), लोसर (तिब्बतीय नव वर्ष) राज्य के प्रमुख त्योहार हैं। अन्य त्यौहारों में साकेवा (राय), सोनम लोचर (गुरुंग), बराहिमज़ोग (मागर) आदि शामिल हैं।कृषि
सिक्किम की अर्थव्यवस्था मूलत: कृषि प्रधान है। राज्य की 64 प्रतिशत से अधिक जनसंख्या जीवनयापन के लिए कृषि पर निर्भर है। सिक्किम में कृषि योग्य भूमि लगभग 1,09,000 हेक्टेयर है जो कुल भौगोलिक क्षेत्र का 15.36 प्रतिशत है।मक्का, चावल, गेहूं, आलू, बड़ी इलायची, अदरक और संतरा यहां की प्रमुख फसलें हैं। सिक्किम देश में बड़ी इलायची का सबसे अधिक उत्पादन करने वाला राज्य है और इसके अधिकांश भू-भाग में इलायची का उत्पादन होता है। अदरक, आलू, संतरा तथा गैर-मौसमी सब्जियां यहां की अन्य नकदी फसलें हैं।
उद्योग
हालांकि सिक्किम का औद्योगिक रूप से पिछड़ा राज्य घोषित किया गया है, लेकिन कई सदियों पहले यहां दस्तकारी आधारित परंपरागत सिक्किम कुटी उद्योग रहे हैं। लेप्चा लोग बांस के सामान, लकड़ी के सामान धागा बुनाई और गलीचे की बुनाई परंपरागत तरीकों से बड़ी कुशलता से करते हैं, वहीं भूटिया लोगों को गलीचा और कंबल बुनाई की प्राचीन तिब्बती पद्धति में महारत हासिल है तथा नेपालियों द्वारा निर्मित धातु और चांदी तथा लकड़ी के सामान की कारीगरी का अपना ही महत्व है।सिक्किम ज्वैल्स लिमिटेड राज्य का तथा बहुत से नाजुक उपकरण बनाने वाला उद्योग है जहां पानी और बिजली के मीटरों तथा घड़ियों आदि के लिए ज्वैल बियरिग्ंस बनाई जाती हैं। राज्य में कई सहायक इकाइयां स्थापित की गई हैं जिनमें घड़ियों के लिए ज्वैल्स बनाए जा रहे हैं। इस क्षेत्र में विकास के लिए सिक्किम औद्योगिक विकास और निवेश निगम लिमिटेड कुटीर, लघु और मंझोले उद्योग लगाने के लिए दीर्घावधि ऋण उपलब्ध कराता है।
पूरे पूर्वोत्तर में राजनीतिक स्थायित्व, शांति, कादन-व्यवस्था की बेहतर स्थिति के चलते सिक्किम निवेश के लिए सबसे सुरक्षित राज्य है।
सिंचाई और बिजली
दसवीं पंचवर्षीय योजना में 5000 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। सिंचाई तथा बाढ़ नियंत्रण विभाग 3789.88 हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध करवा रहा है।परिवहन
सड़कें: गंगटोक सड़क मार्ग से दार्जिलिंग, कलिमपोंग, सिलीगुड़ी तथा सिक्किम के सभी जिला मुख्यालयों से जुड़ा है। 41 कि.मी. राष्ट्रीय राजमार्ग सहित, राज्य में सड़कों की कुल लंबाई 2,933.49 कि.मी. है। इसमें से 873.40 कि.मी. सड़कें सीमा सड़क संगठन ने बनाई हैं।रेलवे और उड्डयन: राज्य के निकटवर्ती रेलवे स्टेशन सिलीगुड़ी (113 कि.मी.) और न्यू जलपाईगुड़ी (125 कि.मी.) हैं जहां से कोलकाता, दिल्ली, गुवाहाटी, लखनऊ तथा देश के अन्य महत्वपूर्ण शहरों के लिए आया-जाया जा सकता है।
सिक्किम में कोई हवाई अड्डा नहीं है। गंगटोक और बागडोगरा के बीच हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध कराई गई है।
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